आध्यात्मिक शिक्षा का प्रशिक्षण केंद्र श्री मदन धाम

हमारे बारे में

श्री मदन धाम न मन्दिर है, न मस्जिद है, न गिरजाघर है , न गुरु गद्दि है, न यह रोगों के इलाज करने का स्थान है और न ही यह तांत्रिक विद्या का स्थान है । यह आध्यात्मिक शिक्षा का प्रशिक्षण केंद्र है । यहाँ पर उन शक्तियों के बारे में क्रियात्मक रूप में ज्ञान दिया जाता है जो दिखाई तो नहीं देती परन्तु उनका प्रभाव इंसानी जीवन पर पड़ता है, जैसे कुल देवता से लेकर परम शक्ति तक कौन क्या है ? आत्मा, महान आत्मा और परम आत्मा क्या हैं ? उनके नियम, गुण, शक्तियाँ और कार्यक्षेत्र क्या हैं ? आध्यात्मिक शिक्षा का केंद्र उसे कहा जाता है जहाँ अध्यात्मवाद के बारे में केवल मौखिक ज्ञान दिया जाए । आध्यात्मिक शिक्षा का प्रशिक्षण केंद्र उसे कहा जाता है जहाँ आध्यात्मिक विषयों पर प्रमाणों सहित क्रियात्मक रूप में ज्ञान दिया जाए ।

आध्यात्मिक शिक्षा का प्रशिक्षण केन्द्र श्री मदन धाम, मानकपुर

श्री मदन धाम की शिक्षाएँ

1. दूसरों से ऐसा व्यवहार करें जैसा कि आप अपने लिए दूसरों से चाहते हैं।

2. किसी को कुछ कहने से पूर्व सोचिए कि यदि वही बात कोई तुमसे कहे तो मुझे कैसा लगेगा?

3. नेक कर्म, सद्‌व्यवहार और सभी से प्यार करें।

4. ईश्वर एक है, केवल उसी पर भरोसा रखें।

5. ईश्वर को सदैव अपने जीवन में प्रथम स्थान दें और हमेशा उसे याद रखें।

6. प्रभु कृपा के बिना किसी भी कार्य में सफलता मिलना असंभव है अतः कोई भी कार्य करने से पूर्व सर्वशक्तिमान से प्रार्थना करें और कार्य पूर्ण होने पर धन्यवाद अवश्य करें।

7. अपनी दिनचर्या आरम्भ करने से पूर्व सर्वप्रथम ईश्वर से प्रार्थना करें।

8. दैनिक जीवन में से कुछ समय ईश्वर के लिए अवश्य निकालें और परम शक्ति द्वारा दिए निम्नलिखित मंत्र का जाप करें।

“पूर्ण परमेश्वर श्री मदन जी नमः”

9. मानव को मानव समझना ही सच्चा धर्म है। सभी धर्मों और महान आत्माओं का मान-सम्मान करें।

10. किसी से भी ईर्ष्या, नफरत और द्वेष न करें।

11. सदैव न्याय का साथ दें और अन्याय के विरुद्ध डट जाएँ।

12. ईश्वर सदा ठीक होते हैं, उनसे कभी नाराज न हों। होनी को सरल भाव से स्वीकार करें।

13. क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है, इसे अपने अंदर पनपने न दें।

14. सोने से पूर्व दिन में संपन्न हुए कार्यों के लिए ईश्वर का धन्यवाद करते हुए गलतियों के लिए क्षमा याचना करते हुए प्रार्थना करें।

15. सभी से प्यार करें। यहाँ तक कि जो आपको अपना दुश्मन भी समझता है, उससे भी प्यार करें!